मार्जिन का इस्तेमाल CFD ट्रेडिंग में किया जाता है ताकि ट्रेडर अपने ट्रेडिंग अकाउंट में मौजूद धनराशि से ज़्यादा की पोज़ीशन ले सके। मार्जिन दो तरह के होते हैं:
- इनिशियल मार्जिन – ये वो न्यूनतम राशि होती है, जो किसी पोज़ीशन को ओपन करवाने के लिए आपके अकाउंट में होनी चाहिए, और
- वेरिएशन मार्जिन – ये सभी ओपन पोज़ीशन्स की मौजूदा वैल्यू पर आधारित होती है।
मार्जिन कॉल क्या होती है?
किसी मार्जिन अकाउंट में मौजूद इक्विटी के एक तय न्यूनतम स्तर से नीचे गिर जाने पर ट्रिगर होने वाली नोटीफ़िकेशनों को मार्जिन कॉल कहते हैं। आसान शब्दों में कहें तो अगर आपके अकाउंट में संभावित नुकसानों की भरपाई करने लायक फ़ंड नहीं हैं, तो एक मार्जिन कॉल ट्रिगर हो जाती है, जिसके चलते स्टॉप-आउट लेवल के करीब आने से आपकी पोज़ीशन पर जोखिम मंडराने लगता है।