ओवर-द-काउंटर डेरिवेटिव्स वो लीवरेज्ड प्रोडक्ट होती हैं, जिनसे आपकी पूंजी को भारी खतरा होता है। अंडरलाइंग इंस्ट्रूमेंट के बाज़ार के हालातों और अवेलेबल लीवरेज की अमाउंट के चलते फ़ॉरेक्स और CFD जैसे डेरिवेटिव इंस्ट्रूमेंट में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।
किसी ट्रेड पर लीवरेज लागू करने पर आपके ट्रेडिंग अकाउंट में डिपॉज़िट की गई राशि से ज़्यादा नुकसान होने की संभावना बनी रहती है। ऐसा इसलिए होता है कि मार्केट मूवमेंट की दिशा के आधार पर लिवरेज से फ़ायदे और नुकसान, दोनों में बढ़ोतरी आ जाती है। अगर ट्रेड आपके पक्ष में जाता है, तो आमतौर पर बेहतर लिवरेज का मतलब ज़्यादा संभावित रिटर्न होती है, लेकिन दूसरी तरफ़ अगर ट्रेड आपके खिलाफ़ चला जाए, तो इसका मतलब ज़्यादा संभावित नुकसान भी हो सकता है।
नेगेटिव अकाउंट बैलेंस का कारण बनने वाले हालातों के उदाहरणों में शामिल हैं स्लिपेज, रातोंरात कटने वाले फ़ाइनेंसिंग शुल्क, और इंडेक्स CFD डिविडेंड एडजस्टमेंट।
- स्लिपेज: बाजार की कुछ परिस्थितियों में उन दामों में फ़र्क आ सकता है, जो आप किसी ट्रेड के लिए अदा करना चाहते हैं और जो ट्रेड के एक्सीक्यूट होने पर आपको दरअसल अदा करना पड़ता है। इसे स्लिपेज कहा जाता है, और ये नेगेटिव बैलेंस का सबब बन सकती है। और जानने के लिए प्लीज़ हमारे ‘स्लिपेज’ सेक्शन को देखें।
- ओवरनाइट फ़ाइनेंसिंग शुल्क: अगर आप किसी शॉर्ट पोज़ीशन को ओवरनाइट होल्ड करके रख रहे हैं, तो इन पर स्वैप शुल्क लागू होंगे और वो एक नेगेटिव अकाउंट बैलेंस का सबब बन सकते हैं।
- इंडेक्स CFD डिविडेंड एडजस्टमेंट: इंडेक्स CFD ऐसे कई शेयरों से मिलकर बनते हैं, जिनसे साल भर डिविडेंड आता रहता है। इंडेक्स प्राइस में आने वाली गिरावट से शॉर्ट पोज़ीशन पर पॉज़िटिव इम्पैक्ट पड़ता है, इसलिए डिविडेंड एडजस्टमेंट प्राइस आपके अकाउंट से डेबिट हो जाता है।
नेगेटिव बैलेंस प्रोटेक्शन
SVG लाइसेंस के तहत ट्रेड करने वाले Axi क्लाइंट्स को नेगेटिव बैलेंस प्रोटेक्शन का कवर नहीं मिलता है और नतीजतन सभी नुकसानों के लिए वो उत्तरदायी होते हैं और सभी बकाया राशियों का उन्हें भुगतान करना पड़ता है।