Expert Advisors (EAs) – जिन्हें "ट्रेडिंग रोबॉट्स" भी कहा जाता है – ऐसे सॉफ़्टवेयर प्रोग्राम होते हैं, जिनका इस्तेमाल एनालिटिकल और ट्रेडिंग प्रोसेस को ऑटोमेट करने के लिए किया जाता है। उनकी बदौलत प्राइस डेटा का बेहद टेक्निकल एनालिसिस करके प्राप्त सिग्नल के आधार पर ट्रेडिंग एक्टिविटीज़ को मैनेज किया जाता है। टेक्निकल एनालिसिस और ट्रेडिंग का समूचा रूटीन काम एक्सपर्ट एडवाइज़र्स को सौंपा जा सकता है। एक एक्सपर्ट एडवाइज़र किसी भी सिंबल या अवधि के लिए एनालिटिकल और ट्रेडिंग ऑपरेशन कर सकता है, फिर भले ही उसका संबंधित चार्ट खोला गया हो या नहीं।
Expert Advisors के फ़ायदे
- समय: EAs ट्रेड्स को अपने आप ही एक्सीक्यूट कर देते हैं, जिससे ट्रेडिंग जर्नल मेन्टेन करने जैसी बाकी ज़रूरी ट्रेडिंग एक्टिविटीज़ के लिए समय बच जाता है।
- भावनाएँ: EAs तय नियमों का पालन करते हैं, जिसके चलते भावनाओं में बहकर फ़ैसले नहीं लिए जाते और ट्रेड सिर्फ़ और सिर्फ़ डेटा पर आधारित होते हैं।
- डाइवर्सीफ़िकेशन: EAs की बदौलत ट्रेडर अपनी स्ट्रेटेजी में विविधता ला पाते हैं, जैसे कोई लॉन्ग-टर्म इंडेक्स ट्रेडर शॉर्ट-टर्म करेंसी ट्रेडिंग को एक्स्प्लोर कर पाता है।
Expert Advisors के नुकसान
- तकनीकी दिक्कतें: EAs में आने वाली खराबी के चलते ऐसे ट्रेड भी एक्सीक्यूट हो सकते हैं, जो आपकी अपेक्षाओं पर खरे न उतरते हों। भरोसेमंद सपोर्ट बेहद ज़रूरी होता है। वो इसलिए कि आमतौर पर ब्रोकर सीधे EA मुहैया नहीं कराते, बल्कि वो तो थर्ड-पार्टी डेवलपर्स से आते हैं।
- सख्त नियम: EAs बाज़ार के सेंटिमेंट में आने वाले बदलावों या फिर न्यूज़ इम्पैक्ट के अनुसार खुद को ढाल नहीं पाते और आँख मूंदकर वो पहले से सेट किए नियमों को फ़ॉलो करते रहते हैं।
- सावधानीपूर्वक जाँच: सभी EAs अच्छा प्रदर्शन नहीं करते; ट्रेडर्स को EAs का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करके उन्हें मॉनिटर करना चाहिए क्योंकि शुरुआती प्रॉफ़िटेबिलिटी का मतलब लॉन्ग-टर्म सक्सेस नहीं होता।
Expert Advisors के बारे में और जानने के लिए प्लीज़ नीचे दिए वीडियो को देखें।