आपकी रिबेट की फ़ुल पेमेंट न होने की कुछ वजहें होती हैं:
- ट्रेडिंग वॉल्यूम: रिबेट पेमेंट आपके द्वारा रेफ़र किए गए क्लाइंट्स की ट्रेडिंग वॉल्यूम से जुड़ी होती हैं। अगर वॉल्यूम अपेक्षा से कम है, तो उसका असर रिबेट की रकम पर पड़ सकता है।
- अकाउंट टाइप: आपके द्वारा रेफ़र किए गए क्लाइंट्स से आपका रिबेट प्रभावित हो सकता है। कुछ अकाउंट टाइप फ़ुल रिबेट के लिए क्वालीफ़ाई करते हैं।
- टियर सिस्टम: रिबेट उन कुछ खास टियर्स पर निर्भर करते हैं, जो ट्रेडिंग एक्टिविटी के आधार पर तय होते हैं। किसी बेहतर टियर की कसौटियों पर अगर आप खरे नहीं उतरते हैं, तो आपका रिबेट कम हो सकता है।
- पेंडिंग ट्रेड्स: अगर आपके द्वारा रेफ़र किए गए किसी क्लाइंट के ट्रेड अभी भी पेंडिंग हैं, तो इससे आपके रिबेट की पेमेंट में देरी या कमी आ सकती है।
- अनुपालन-संबंधी दिक्कतें: अनुपालन या नियम-कायदों से संबंधित शर्तों के चलते भी रिबेट्स को एडजस्ट किया जा सकता है या फिर उन्हें रोका जा सकता है।
अगर आपको डिटेल्ड स्पष्टीकरण चाहिए या फिर अगर आपका मानना है कि आपके रिबेट में कोई गड़बड़ है, तो प्लीज़ अपने अकाउंट मैनेजर से संपर्क कर लें। आपके रिबेट को लेकर वो आपको खास जानकारी जो प्रोवाइड कर सकते हैं।
अगर आपको नहीं पता कि आपका अकाउंट मैनेजर कौन है, तो घबराइए मत — बस हमारी क्लाइंट सर्विसेज़ टीम से संपर्क कर लें ताकि हम आपको सही व्यक्ति से कनेक्ट कर दें।