MAM मास्टर क्या होता है?
MAM मास्टर अकाउंट किसी ट्रेडर या मनी मैनेजर द्वारा मैनेज किए जाने वाला प्राइमरी अकाउंट होता है। इसकी बदौलत कई सब-अकाउंट्स (MAM इन्वेस्टर अकाउंट) को वो एक ही इंटरफ़ेस से मैनेज कर पाते हैं। MAM मास्टर अकाउंट की कुछ खूबियाँ:
- ट्रेड एलोकेशन: MAM मास्टर अकाउंट की बदौलत परसेंटेज एलोकेशन, लॉट साइज़, या फिर इक्विटी रेशियो जैसे पैरामीटर्स के आधार पर मास्टर अलग-अलग सब-अकाउंटों में ट्रेड एलोकेट कर पाता है।
- साइमल्टेनियस ट्रेडिंग: कई सब-अकाउंटों में एक-साथ ट्रेड एक्सीक्यूट किए जा सकते हैं, जिसके चलते मैनेज किए गए सभी अकाउंटों में एक निरंतरता बनी रहती है।
- परफ़ॉर्मेन्स फ़ी: MAM मास्टर अकाउंटों के मैनेजर मैनेज किए गए अकाउंटों में जेनरेट होने वाले मुनाफ़े के आधार पर परफ़ॉर्मेन्स फ़ीस चार्ज करते हैं।स
- रिपोर्टिंग और मॉनिटरिंग: MAM मास्टर अकाउंट में लिंक किए गए सभी सब-अकाउंटों की परफ़ॉर्मेन्स को ट्रैक करके रिपोर्ट जेनरेट करने के लिए टूल्स अवेलेबल होते हैं।
MAM मास्टर बनने के लिए Global Money Manager Application पूरी करके आपको उसे साइन करना होता है।
MAM इन्वेस्टर क्या होता है?
MAM इन्वेस्टर अकाउंट किसी MAM मास्टर अकाउंट से लिंक्ड एक सब-अकाउंट होता है। इसे उन इंडिविजुअल ट्रेडर्स या निवेशकों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो अपने ट्रेड्स को किसी प्रोफ़ेशनल ट्रेडर या मनी मैनेजर से मैनेज करवाना चाहते हैं। MAM इन्वेस्टर अकाउंटों के बारे में कुछ ज़रूरी बातें:
- सब-अकाउंट: MAM इन्वेस्टर अकाउंट MAM मास्टर अकाउंट के तहत बनाया एक सब्सिडियरी अकाउंट होता है। इसमें मास्टर अकाउंट के ट्रेड्स को मिरर किया जाता है।
- ट्रेड एलोकेशन: MAM मास्टर अकाउंट द्वारा एक्सीक्यूट किए गए ट्रेड परसेंटेज एलोकेशन या फिर इक्विटी रेशियो जैसी सेटिंग्स के आधार पर अपने आप ही MAM इन्वेस्टर अकाउंटों को एलोकेट हो जाते हैं।
- मिररिंग ट्रेड्स: MAM मास्टर द्वारा एक्सीक्यूट किए गए ट्रेड अपने आप ही MAM इन्वेस्टर अकाउंट में रियल-टाइम में कॉपी हो जाते हैं, जिसके चलते उनमें भी वही ट्रेडिंग एक्टिविटी डिस्प्ले होती है।
- इंडिपेंडेंट बैलेंस: हर MAM इन्वेस्टर अकाउंट का अपना इंडिपेंडेंट बैलेंस होता है। इसका मतलब ये है कि कोई भी प्रॉफ़िट, लॉस, और इक्विटी उसी इन्वेस्टर अकाउंट के लिए ही होते हैं।
- रिपोर्टिंग और मॉनिटरिंग: MAM इन्वेस्टर अकाउंट होल्डर अपने-अपने अकाउंटों की परफ़ॉर्मेन्स को ट्रैक कर सकते हैं और ट्रेड हिस्ट्री, अकाउंट बैलेंस, और प्रॉफ़िट/लॉस स्टेटमेंट को देख सकते हैं।
अगर आप खुद को एक MAM इन्वेस्टर के तौर पर सेट-अप करवाना चाहते हैं, तो आपको एक Trading Authority (TA) साइन करनी होगी, जिसके तहत मनी मैनेजर आपकी ओर से ट्रेड करते-करते आपकी अकाउंट इनफ़ॉर्मेशन को देख सकता/सकती है।