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Axi एफ़िलिएट पोर्टल के Reports टैब में क्या देखा जा सकता है?
अपडेट किया गया 2 माह पहले

Axi एफ़िलिएट पोर्टल के Reports टैब में, आप कई तरह की रिपोर्ट देख सकते हैं, जिनमें आपकी एफ़िलिएट अकाउंट परफ़ॉर्मेन्स के बारे में अहम जानकारी मिलती है। इन रिपोर्ट्स की बदौलत आप अपनी कमाई को ट्रैक कर सकते हैं, अपनी एक्टिविटीज़ को मॉनिटर कर सकते हैं, और मार्केटिंग की अपनी कोशिशों का मूल्यांकन कर सकते हैं। अवेलेबल रिपोर्ट टाइप्स में शामिल हैं:

Earning Report

Earnings Report में चयनित अवधि में आपकी कमाई गई कमीशन का डिटेल्ड ब्रेकडाउन देखा जा सकता है। इस रिपोर्ट में आपके डायरेक्ट रेफ़रल्स और आपके द्वारा ऑनबोर्ड करवाए गए सब-एफ़िलिएट्स, दोनों से होने वाली कुल कमाई देखी जा सकती है।

इसमें ये डिटेल्स शामिल होती हैं:

  • User ID: हर क्लाइंट या सब-एफ़िलिएट का यूनिक आइडेंटिफ़ायर।
  • Created: कमीशन ट्रिगर होने वाली तारीख।
  • Amount: संबंधित रेफ़रल या सब-एफ़िलिएट एक्टिविटी के लिए आपको मिलने वाली राशि।
  • Commission Type: क्या कमीशन डायरेक्ट क्लाइंट रेफ़रल के CPA (Cost per Acquisition) से है या फिर सब-एफ़िलिएट परफ़ॉर्मेन्स के Sub-Affiliate Level X से।
  • AFP (Optional): Affiliate Tracking Parameter (AFP) एक ऐसा टूल है, जो आपके रेफ़रल लिंक में एक यूनिक ट्रैकिंग आइडेंटिफ़ायर जोड़ देता है, जिससे आप ये देख पाते हैं कि आपके क्लाइंट्स या सब-एफ़िलिएट्स कहाँ से आ रहे हैं (जैसे सोशल मीडिया, वेबसाइट, वगैरह)।

इस रिपोर्ट को देखकर आप अपनी कमाई को आसानी से ट्रैक कर सकते हैं, अपने टॉप-परफ़ॉर्मिंग चैनल्स की पहचान कर सकते हैं, और डायरेक्ट व सब-एफ़िलिएट एक्टिविटी, दोनों को मॉनिटर कर सकते हैं।

Media Report

Media Report में आप उन मीडिया और मार्केटिंग मटेरियल की परफ़ॉर्मेन्स को ट्रैक कर पाते हैं, जिनका इस्तेमाल आपने अपने एफ़िलिएट लिंक की प्रमोशन के लिए किया है। यहाँ आपको ये पता चल जाता है कि कौन-से बैनर, लैंडिंग पेज, या अन्य एसेट्स सबसे ज़्यादा इंगेजमेंट और कन्वर्शन जेनरेट कर रहे हैं।

रिपोर्ट में रोज़ाना दिखाई देने वाले डेटा के कुछ उदाहरण:

  • Impressions: कितने लोगों ने आपकी ऐड देखी।
  • Visitors: कितने लोगों ने आपके लिंक पर क्लिक किया।
  • Registrations: लिंक पर क्लिक करने के बाद कितने लोगों ने रजिस्टर किया।
  • FTD (First-Time Deposit): कितने लोगों ने पहली बार डिपॉज़िट किया।
  • Commission: इन क्लाइंट्स से कमाई गई कमीशन।
  • ROI (Return on Investment): उस दिन का ROI. इसके ज़रिए आप अपने कैंपेन की प्रॉफ़िटेबिलिटी को ट्रैक कर सकते हैं।

Country और Language जैसे अतिरिक्त फ़िल्टर लगाकर आप डेटा को और भी रिफ़ाइन कर सकते हैं। ऐसा करने के लिए “Filter” बटन पर क्लिक करके उसे अपनी इच्छानुसार एडजस्ट कर लें।

इसके अलावा, ऊपर दाईं ओर मौजूद “Export” बटन पर क्लिक करके इस रिपोर्ट को आप Excel फ़ॉर्मेट में एक्सपोर्ट भी कर सकते हैं।

Activity Report:

Activity Report में आपके एफ़िलिएट अकाउंट से जुड़ी सभी एक्टिविटीज़ की डिटेल्ड लिस्ट देखी जा सकती है, जैसे क्लाइंट रजिस्ट्रेशन, डिपॉज़िट, विड्रॉअल्स, पोज़िशन्स (ट्रेडिंग), और अन्य अहम एक्शन्स। आपकी मार्केटिंग की कोशिशें वास्तविक क्लाइंट एक्टिविटी और परफ़ॉर्मेन्स में कैसे बदल रही हैं, ये जानने के लिए इस रिपोर्ट के काफ़ी मायने होते हैं।

चयनित अवधि के लिए ज़रूरी मेट्रिक्स:

  • Overall Deposit: रेफ़र किए गए क्लाइंट्स द्वारा डिपॉज़िट की गई कुल राशि।
  • Withdrawals: क्लाइंट्स द्वारा निकलवाई गई कुल राशि।
  • Deposit Count: क्लाइंट्स द्वारा किए गए कुल डिपॉज़िट्स की संख्या।
  • Net Deposit: सभी डिपॉज़िट्स में से विड्रॉअल्स घटाकर बची राशि।
  • Positions: क्लाइंट्स द्वारा एक्सीक्यूट किए गए ट्रेड्स (पोज़िशन्स) की संख्या।
  • Volume: चयनित अवधि के दौरान जेनरेट होने वाली कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम।

अपने एफ़िलिएट मार्केटिंग कैंपेन के सीधे असर का हिसाब लगाने में ये रिपोर्ट आपकी मदद करती है, जिसके चलते अपने प्लेटफ़ॉर्म के साथ अपने क्लाइंट्स की इंगेजमेंट के बारे में आपको अहम जानकारी मिल जाती है।

साथ ही, ऊपर दाईं ओर मौजूद “Export” बटन पर क्लिक करके आप इस रिपोर्ट को Excel फ़ॉर्मेट में एक्सपोर्ट भी कर सकते हैं।

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Registration Report

Registration Report में उन क्लाइंट्स की डिटेल्ड इनफ़ॉर्मेशन मिल जाती है, जिन्होंने आपके रेफ़रल लिंक के ज़रिए साइन-अप किया है। इसकी बदौलत आप ये तो ट्रैक कर ही पाते हैं कि आपके एफ़िलिएट लिंक से कितने नए क्लाइंट्स ने रजिस्टर किया है, साथ ही आप उनका अकाउंट स्टेटस और अन्य अहम मेट्रिक्स भी देख पाते हैं।

चयनित अवधि के लिए आप इस रिपोर्ट को इन कसौटियों के हिसाब से फ़िल्टर कर सकते हैं:

  • Registration Date: वो तारीख, जब क्लाइंट ने आपके रेफ़रल से रजिस्टर किया।
  • Qualification Date: वो तारीख, जब क्लाइंट ने क्वालिफ़ाई करके कमीशन ट्रिगर की।
  • Position Count: क्लाइंट ने कितने ट्रेड/पोज़िशन किए (1 पोज़िशन = 1 ट्रेड)।
  • First Deposit: क्लाइंट की पहली डिपॉज़िट राशि।
  • Deposits: क्लाइंट द्वारा बाद में डिपॉज़िट की गई कुल राशि।
  • Withdrawals: क्लाइंट द्वारा निकलवाई गई कुल राशि।
  • Commission: क्लाइंट की एक्टिविटीज़ के आधार पर कमाई गई कमीशन।

अतिरिक्त पैरामीटर:

  • User ID: Axi सिस्टम में क्लाइंट की यूनिक ID.
  • First Deposit Date: क्लाइंट के पहले डिपॉज़िट की तारीख।
  • Net Deposit: क्लाइंट द्वारा किए गए डिपॉज़िट्स का टोटल।
  • Deposit Count: क्लाइंट द्वारा किए गए कुल डिपॉज़िट्स की संख्या।
  • Customer Name: क्लाइंट का नाम।
  • ROI (Return on Investment): हर क्लाइंट का ROI.
  • Additional User ID: क्लाइंट के ट्रेडिंग अकाउंट की ID.
  • AFP: उस चैनल या प्लेटफ़ॉर्म का यूनिक ट्रैकिंग आइडेंटिफ़ायर, जिसके ज़रिए क्लाइंट को रेफ़र किया गया था।
  • Country: वो देश, जहाँ से क्लाइंट ने रजिस्टर किया था।
  • Volume: क्लाइंट की कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम।

साथ ही, ऊपर दाईं ओर मौजूद “Export” बटन पर क्लिक करके इस रिपोर्ट को आप Excel फ़ॉर्मेट में एक्सपोर्ट भी कर सकते हैं।

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