/ /
PAMM और MAM अकाउंट में क्या फ़र्क होता है?
अपडेट किया गया 4 माह पहले

PAMM (Percent Allocation Management Module) और MAM (Multi-Account Manager), दोनों अकाउंटों के तहत निवेशकों के पैसे को इकट्ठा करके एक ट्रेडर उसे मैनेज करता है, लेकिन इन दोनों के काम करने के तरीके अलग होते हैं। आइए देखते हैं कैसे:

फ़ीचरPAMM अकाउंटMAM अकाउंट
अकाउंट स्ट्रक्चरपैसे को एक ही मास्टर अकाउंट में इकट्ठा कर लिया जाता हैअलग-अलग एलोकेशनों वाले कई इंडिविजुअल अकाउंटों की परमिशन
एलोकेशन मेथडये निवेशक की शुरुआती कॉन्ट्रिब्यूशन के अनुपात में होता हैकस्टमाइज़ किया जा सकता है  (तय परसेंटेज, लॉट साइज़़, इक्विटी आधारित)
फ़्लेक्सिबिलिटी कम फ़्लेक्सिबल; सभी निवेशक एक ही पूल में पैसा डालते हैंसब-अकाउंटों में पैसे एलोकेट करने में ज़्यादा फ़्लेक्सिबिलिटी 
सब-अकाउंटों पर कंट्रोलसब-अकाउंटों पर कोई कंट्रोल नहीं, सभी अकाउंटों को एक ही अकाउंट के तौर पर मैनेज किया जाता हैइंडिविजुअल सब-अकाउंटों और उनकी एलोकेशनों पर कंट्रोल
प्रॉफ़िट/लॉस डिस्ट्रीब्यूशनकॉन्ट्रिब्यूशन की परसेंटेज के आधार पर डिस्ट्रीब्यूट किया जाता हैहर निवेशक के लिए पूर्वनिर्धारित तरीकों के आधार पर एलोकेशन
जटिलतामैनेज करने में आसान, ऑटोमेटिक प्रॉफ़िट शेयरिंगज़्यादा जटिल, जिसके चलते निवेशक ज़्यादा कस्टमाइज़ेशन कर पाते हैं
कस्टमाइज़ेशनकस्टमाइज़ेशन के सीमित विकल्पअकाउंट मैनेजमेंट के लिए ज़्यादा कस्टमाइज़ेशन की गुंजाइश

PAMM या MAM अकाउंट के बीच का चुनाव क्लाइंट की पसंद-नापसंद और ज़रूरतों पर निर्भर करता है। और जानने के लिए अपने अकाउंट मैनेजर या क्लाइंट सर्विसेज़ टीम से संपर्क कर लें।

 

क्या यह लेख सहायक था?